वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बात पर फिर जोर दिया कि विकास दर को गति देने के लिए जी 20 देशो को सामूहिक प्रयास सुनिश्चित करने की जरूरत है
वित्त और कार्पोरेट मामलो की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने जी-20 देशो के वित्त मंत्रियो, केंद्रीय बैंक गवर्नर और ब्रिक्स देशो के वित्त मंत्रियो की बैठक में भाग लिया। वित्त मंत्री इस सप्ताह वाशिंगटन डीसी में आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष( आईएमएफ) और विश्व बैंक की वार्षिक बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी।
जी-20 देशो के वित्त मंत्रियो और केंद्रीय बैंको के गर्वनरो की बैठक में विश्व अर्थव्यवस्था को वर्तमान चुनौती और इसके संभावित समाधान पर मुख्य रूप से विचार किया गया। श्रीमती निर्मला सीतारमण ने बैठक में इस बात पर दोबारा जोर दिया कि जी 20 को दूसरे दौर के सुधारो के लिए मध्यवर्ती की पहचान और सशक्त मध्यवर्ती बनाने के लिए वैश्विक नीति का समन्वय करना होगा। उन्होंने वैश्विक मंदी की स्थिति में सामूहिक कार्यवाही का आव्हान किया। उभरती हुई अर्थव्यवस्था देशो को दीर्धकालिक वित्तीयन के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से आर्थिक वृद्धि प्राप्त करने और समावेशी विकास की चुनौती का विशेष रूप से सामना करना पड़ रहा है। इस संदर्भ में वित्त मंत्री ने वैश्विक मंदी से निपटने के लिए देशो द्वारा ढांचागत सुधार करने के महत्व पर जोर दिया। वित्त मंत्री ने भारत द्वारा हाल ही में किए गए ढांचागत सुधारो के संदर्भ में जानकारी देते हुए कार्पोरेट कर में कमी पर ध्यान दिलाया। वित्त मंत्री ने कार्पोरेट कर सुधारो के साथ-साथ आधार आधारित प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण और वैश्विक स्वास्थ्य देखभाल नीति का विशेष जिक्र किया।
ब्रिक्स देशो के वित्त मंत्रियो की बैठक के दौरान नए विकास बैंक,आईएमएफ संसाधनो का विकास करने के साथ-साथ अधिकृत आर्थिक संचालक कार्यक्रम पर आम सहमति बनाने पर विचार विमर्श हुआ।
वित्त मंत्री ने इसके साथ ही यूएसआईबीसी और सीआईआई द्वारा आयोजित उदयोग गोलमेज सम्मेलन और सीआईआई द्वारा आयोजित अर्थशास्त्री गोलमेज सम्मेलन में भी भाग लिया। श्रीमती निर्मला सीतारमण ने विभिन्न देशो के वित्त मंत्रियो,विश्व बैंक अध्यक्ष और स्टैंडर्ड चार्टर्ड के सीईओ से भी मुलाकात की।