नरसिंहपुर में पीआईबी, भोपाल द्वारा आयोजित मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ संपन्न

मीडिया जनमत का निर्माण करता है और जनमत के अनुसार ही शासन- प्रशासन निर्णय लेता है। समय के साथ शासन द्वारा लिए जाने वाले निर्णयों में मीडिया का प्रभाव बढ़ा है। दिन प्रति दिन मीडिया की जिम्मेदारी बढ़ रही है और मीडिया को सभी लोगों के विकास के बारे में सोचना चाहिए। यह बात कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना ने शनिवार को पीआईबी, भोपाल द्वारा नरसिंहपुर में आयोजित मीडिया कार्यशाला 'वार्तालाप' को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कार्यशाला आयोजित करने के लिए पीआईबी को धन्यवाद देते हुए कहा कि मीडिया का काम सिर्फ समस्याएं बताना ही नहीं होना चाहिए साथ उसको समस्या के निराकरण के उपायों के बारे में भी बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि मीडिया को एकतरफा सोच से बचना चाहिए और देश व समाज को सही दिशा दिखाने में योगदान देना चाहिए। श्री सक्सेना ने मीडिया से सरकारी सिस्टम को समझने का भी आह्वान किया।


 


कार्यशाला में अपनी बात रखते हुए अपर कलेक्टर श्री मनोज ठाकुर ने कहा कि मीडिया का काम काफी चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मीडिया के लोगों समाचार लिखते समय तथ्यों की पुष्टि जरूर करनी चाहिए। साथ ही दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया को भी समाचारों में जगह देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मीडिया का काम समाज में एक सकारात्मक सोच का निर्माण करना है।


 


सीईओ जिला पंचयात श्री कमलेश कुमार भार्गव ने 'ग्रामीण विकास योजनाएं और मीडिया' विषय पर अपनी बात रखते हुए कहा कि देश तभी समृद्ध होगा जब गांव समृद्ध होंगे और गांवों की समृद्धि में ग्रामीण विकास की योजनाओं का काफी महत्व है। उन्होंने मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, कल्याणी योजना, कन्या विवाह योजना समेत तमाम योजनाओं के बारे में विस्तार से मीडियाकर्मियों को बताया।


 


पीआईबी, भोपाल के अपर महानिदेशक श्री प्रशांत पाठराबे ने अपने स्वागत भाषण में कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य पत्रकारों को केंद्र सरकार की योजनाओं के बारे में सेंसिटाइज करना है। उन्होंने साथ ही पीआईबी की दैनंदिन कार्यप्रणाली से भी पत्रकारों को रूबरू कराया। उन्होंने कहा कि पीआईबी सरकार और मीडिया के बीच एक पुल की तरह काम करता है।


 


'जलशक्ति अभियान एवं जल संरक्षण' पर बात करते हुए कृषि विभाग के सेवानिवृत उप संचालक आर.एस. नरोलिया ने जलसंरक्षण की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पानी अनमोल है इसको बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करने चाहिए। उन्होंने जलसंरक्षण के हरसंभव उपायों के बारे में पत्रकारों को बताया।


 


'जेल सुधार और मीडिया' विषय पर बोलते हुए जेल अधीक्षक सुश्री शेफाली तिवारी ने कहा कि मीडिया के सहयोग से ही जेलों की दशा-दिशा में अपेक्षित सुधार संभव हैं। उन्होंने अपने द्वारा इस दिशा में किए गए सकरात्मक प्रयासों के बारे में मीडिया से संवाद किया। उन्होंने कहा कि 'जेलवाणी' जैसे उनके प्रयासों से इस दिशा में बहुत सारे सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। उन्होंने जेलों में 'हेल्प डेस्क' बनाने और कैदियों द्वारा पीड़ित पक्षों को पत्र लिखने जैसे उपायों का भी जिक्र किया।


 


पीआईबी, भोपाल के संयुक्त निदेशक श्री अखिल कुमार नामदेव ने पत्रकार कल्याण योजना के बारे में पत्रकारों को विस्तार से बताया। उन्होंने पत्रकारों से इस योजना का लाभ उठाने का आग्रह किया। महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक निदेशक श्री राधेश्याम वर्मा ने 'महिला एवं बच्चों के सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं के प्रचार- प्रसार में मीडिया की भूमिका' विषय पर अपनी बात रखी। कार्यशाला में 'आंचलिक पत्रकारिता, मुद्दे एवं चुनौतियां' विषय पर वरिष्ठ पत्रकार श्री अजय खरे ने भी अपने विचार रखे। मंच संचालन पीआईबी, भोपाल के मीडिया एवं संचार अधिकारी श्री प्रेम चन्द्र गुप्ता ने किया। कार्यशाला में श्री आशीष जैन, श्री पंकज गुप्ता, श्री ब्रजेश तिवारी, श्री नीलेश जाट और मदन तिवारी समेत बहुत सारे पत्रकारों ने हिस्सा लिया।